जलती जेब! दुनियाभर में महंगाई का बढ़ता बोझ – किन देशों में हाहाकार?

आजकल हर कोई रोजमर्रा के खर्चों को लेकर परेशान है। किराना सामान हो या फिर बिजली का बिल, हर चीज की कीमतें आसमान छू रही हैं। यह महंगाई सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इससे जूझ रही है।

आइए, इस ब्लॉग में गौर करते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई किस देश में है और इसके पीछे क्या कारण हैं। साथ ही, हम यह भी देखेंगे कि महंगाई से आम आदमी के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है।

कौन से देश ज्वाला महंगाई की चपेट में?

यह जानना दिलचस्प होगा कि महंगाई के मामले में सबसे ऊपर कौन सा देश है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला (Venezuela) में दुनिया की सबसे ज्यादा महंगाई है। वहां महंगाई दर 318% तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि अगर एक साल पहले 100 रुपये की कोई चीज मिलती थी, तो अब वही चीज आपको 418 रुपये में ख़रीदनी पड़ेगी।

वेनेजुएला के बाद दूसरे नंबर पर लेबनान (Lebanon) का नाम आता है, जहां महंगाई दर 215% पर पहुंच गई है। इसके बाद अर्जेंटीना (Argentina) का नंबर आता है, जहां महंगाई दर 143% है।

निचे दी गई टेबल कुछ देशों की महंगाई दर को दर्शाती है ( नवंबर 2023 तक के आंकड़े)

देशमहंगाई दर
वेनेजुएला318%
लेबनान215%
अर्जेंटीना143%
सूडान103%
जिम्बाब्वे99%
तुर्की83%
ईरान53%
पाकिस्तान38%

महंगाई के पीछे छिपे असली खिलाड़ी

महंगाई का कोई एक कारण नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई सारे कारक हाथ मिलाते हैं। आइए, इनमें से कुछ प्रमुख कारणों पर गौर करें:

  • कोविड-19 महामारी: कोविड-19 महामारी ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों के कारण सामानों का उत्पादन और परिवहन बाधित हुआ। इससे मांग और पूर्ति के बीच असंतुलन पैदा हो गया, जिसके चलते कीमतें बढ़ गईं।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर बिजली उत्पादन और परिवहन लागत पर भी पड़ा है। यह असर अंततः दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भी दिखाई देता है।
  • मुद्रास्फीति (Inflation): मुद्रास्फीति का मतलब है किसी देश की मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी आना। जब मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो उसी मात्रा में सामान खरीदने के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
  • मौसम में बदलाव: मौसम में बदलाव भी खाद्य आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। सूखा, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे खाद्य पदार्थों की कमी हो सकती है और उनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

भारत में महंगाई: स्थिति और समाधान

भारत में भी पिछले कुछ समय से महंगाई बढ़ी है, लेकिन दुनिया के बाकी देशों की तुलना में हमारी स्थिति अभी भी बेहतर है। नवंबर 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में महंगाई दर करीब 5.55% है हालांकि, ये आंकड़ा भी आम आदमी के लिए चिंता का विषय है.

सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय कर रही है, जैसे कि ब्याज दरों में हेरफेर करना, आयात शुल्क कम करना, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना आदि।

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