केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश कर दिया है। हर बार की तरह इस बार भी मध्यम वर्गीय परिवारों और युवाओं की नजर इसी बात पर थी कि आखिर “क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?” (Budget 2026 Sasta aur Mehenga List)।
इस बजट का सीधा असर आपकी रसोई के बजट से लेकर आपके निवेश और इलाज के खर्च तक पड़ने वाला है। सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए कुछ आयातित सामानों पर ड्यूटी बढ़ाई है, तो वहीं जीवनरक्षक दवाओं पर बड़ी राहत दी है। आइए, जानते हैं बजट 2026 का पूरा लेखा-जोखा।
बजट 2026 की ‘गुड न्यूज’: क्या-क्या हुआ सस्ता?
सरकार ने इस बार स्वास्थ्य और तकनीक पर विशेष ध्यान दिया है। यदि आप नया फोन खरीदने या विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह बजट आपके लिए अच्छी खबर लाया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत
- कैंसर की दवाइयां: कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए सरकार ने 17 जीवनरक्षक दवाओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह खत्म (0%) कर दिया है। इससे कैंसर का इलाज काफी सस्ता होने की उम्मीद है।
- दुर्लभ बीमारियों का इलाज: 7 ऐसी दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के लिए बाहर से मंगवाई जाने वाली दवाइयां और स्पेशल मेडिकल फूड अब ड्यूटी-फ्री होंगे।
- डायबिटीज की दवाइयां: इंसुलिन और अन्य क्रोनिक बीमारियों की दवाओं पर टैक्स को तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे इनकी कीमतें कम होंगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स
- मोबाइल फोन और टैबलेट: मोबाइल के पुर्जों (जैसे- बैटरी कवर, पीसीबीए) पर सीमा शुल्क कम किया गया है, जिससे भारत में बनने वाले स्मार्टफोन सस्ते होंगे।
- माइक्रोवेव ओवन: घर में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव के पुर्जों पर ड्यूटी हटाई गई है, जिससे अब यह किचन अप्लायंसेज बजट में फिट होगा।
यात्रा और विदेश शिक्षा
- विदेश यात्रा (Overseas Tour): विदेश घूमने के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है! टूर पैकेज पर लगने वाला TCS (Tax Collected at Source) जो पहले 5% से 20% तक था, उसे अब घटाकर महज 2% कर दिया गया है।
- विदेश में पढ़ाई: बच्चों की विदेशी शिक्षा और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर भी TCS अब सिर्फ 2% ही लगेगा।
अन्य सस्ती चीजें
- EV बैटरियां: इलेक्ट्रिक वाहनों की लिथियम-आयन सेल बनाने वाली मशीनों पर ड्यूटी छूट को बढ़ाया गया है, जिससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती हो सकती हैं।
- सोलर पैनल: सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल (Sodium Antimonate) पर ड्यूटी शून्य कर दी गई है।
- समुद्री भोजन (Seafood) और चमड़ा: चमड़े के जूते और मछली पकड़ने के सामान पर शुल्क कम किया गया है।
‘बैड न्यूज’: अब किन चीजों के लिए ढीली करनी होगी जेब?
कुछ क्षेत्रों में सरकार ने टैक्स और ड्यूटी बढ़ाई है, जिसका सीधा असर लग्जरी लाइफस्टाइल और स्टॉक मार्केट के निवेशकों पर पड़ेगा।
स्टॉक मार्केट और ट्रेडिंग
- F&O ट्रेडिंग (Futures & Options): अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं, तो अब यह महंगा होगा। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
‘पाप कर’ (Sin Goods) और नशा
- शराब: विदेशी शराब और प्रीमियम स्पिरिट्स पर एक्साइज ड्यूटी और सीमा शुल्क को बढ़ाया गया है।
- सिगरेट और गुटखा: नेशनल कैलेमिटी कन्टिंजेंट ड्यूटी (NCCD) में 25% से 60% तक की बढ़ोतरी की गई है, जिससे धूम्रपान महंगा हो जाएगा।
आयातित और लग्जरी सामान
- विदेशी घड़ियां: प्रीमियम इंपोर्टेड घड़ियों पर शुल्क बढ़ाया गया है ताकि लोग स्वदेशी ब्रांड्स को अपनाएं।
- छाता (Umbrella): आयातित छातों पर अब कम से कम ₹60 प्रति पीस की ड्यूटी लगेगी।
- कॉफी मशीन: कमर्शियल कॉफी रोस्टिंग और वेंडिंग मशीनों पर मिलने वाली छूट हटा ली गई है।
बजट 2026: सस्ता बनाम महंगा (Tabular Summary)
नीचे दी गई तालिका से आप एक नजर में बदलावों को समझ सकते हैं:
| श्रेणी (Category) | सस्ता हुआ (Cheaper) | महंगा हुआ (Costlier) |
|---|---|---|
| हेल्थकेयर | 17 कैंसर दवाएं, दुर्लभ बीमारियों का इलाज | – |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | मोबाइल, टैबलेट, माइक्रोवेव ओवन | हाई-एंड कैमरा, विदेशी घड़ियां |
| ट्रैवल & स्टडी | विदेशी टूर पैकेज, विदेश में पढ़ाई (TCS 2%) | – |
| फाइनेंस | मोटर एक्सीडेंट मुआवजा (टैक्स फ्री) | F&O ट्रेडिंग (STT में बढ़ोतरी) |
| एनर्जी | सोलर पैनल, बायोगैस वाली CNG | कोयला, कच्चा खनिज |
| लाइफस्टाइल | स्पोर्ट्स का सामान, जूते-चप्पल | शराब, सिगरेट, गुटखा |
एक्सपर्ट ओपिनियन: आम आदमी पर क्या होगा असर?
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का ध्यान “उपभोग” (Consumption) बढ़ाने और मध्यम वर्ग को “कैश-फ्लो” में राहत देने पर है।
“TCS को 2% पर सीमित करना मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है। अब आपको विदेश यात्रा या बच्चे की पढ़ाई के लिए पहले की तरह 20% पैसा सरकार के पास ब्लॉक नहीं रखना होगा।” – अमित शर्मा, टैक्स एक्सपर्ट
मोबाइल और दवाओं का सस्ता होना सीधे तौर पर मध्यम वर्ग की बचत को बढ़ाता है, हालांकि स्टॉक मार्केट में बढ़ते टैक्स से रिटेल ट्रेडर्स को थोड़ा झटका लगा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बजट 2026 एक संतुलित बजट नजर आता है जहां ‘जान’ (हेल्थ) और ‘जहान’ (डिजिटल इंडिया) दोनों पर ध्यान दिया गया है। कैंसर की दवाओं और मोबाइल का सस्ता होना एक स्वागत योग्य कदम है। हालांकि, यदि आप शराब, सिगरेट या स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के शौकीन हैं, तो आपको अपना बजट थोड़ा बढ़ाना पड़ सकता है।
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