बजट 2026 में किसानों के लिए क्या है? कृषि क्षेत्र की 5 बड़ी घोषणाएं

बजट 2026 में किसानों के लिए क्या है? कृषि क्षेत्र की 5 बड़ी घोषणाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट (Union Budget 2026-27) पेश किया। इस बजट में सरकार ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराते हुए कृषि क्षेत्र के लिए 1.63 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन किया है। यह पिछले साल के संशोधित अनुमान से लगभग 7% अधिक है।

लेकिन क्या यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल है या वास्तव में ज़मीन पर रहने वाले किसान के जीवन में कोई बदलाव लाएगा? आइए, सरल शब्दों में समझते हैं कि बजट 2026 में किसानों की झोली में क्या आया है और वे 5 बड़ी बातें कौन सी हैं जो आने वाले समय में खेती का भविष्य तय करेंगी।

1. ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR): खेती में अब AI का साथ

इस बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणा ‘भारत-विस्तार’ नाम के एक मल्टीलिंगुअल AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) टूल की है।

यह क्या है और कैसे काम करेगा? अक्सर किसानों को सही समय पर सही सलाह नहीं मिल पाती (जैसे- कौन सा बीज बोएं या कीड़ा लगने पर क्या करें)। ‘भारत-विस्तार’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जो ICAR के रिसर्च डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ेगा।

  • स्थानीय भाषा में सलाह: यह किसानों को उनकी अपनी भाषा में मौसम, फसल सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देगा।
  • जोखिम में कमी: सरकार ने इसके लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं ताकि किसानों को फसल के नुकसान से बचाया जा सके।

2. नकदी फसलों (High-Value Crops) पर दांव: नारियल और चंदन की खेती

सरकार का ध्यान अब पारंपरिक फसलों (जैसे गेहूं, धान) से हटकर उन फसलों की ओर जा रहा है जिनमें मुनाफा ज्यादा है।

  • नारियल संवर्धन योजना: भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। बजट 2026 में एक विशेष योजना की घोषणा की गई है जिसके तहत पुराने और कम उत्पादकता वाले पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे।
  • चंदन, काजू और कोको: सरकार ने काजू और कोको को 2030 तक ‘ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड’ बनाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, राज्यों के साथ मिलकर चंदन की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पैकेज की घोषणा की गई है।

3. पशुपालन और मछली पालन: आय का दूसरा जरिया

खेती के साथ-साथ पशुपालन किसानों की बैकअप इनकम होती है। बजट 2026 में इस सेक्टर में 26.7% का बड़ा उछाल देखा गया है।

  • क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी: पशुपालकों को आधुनिक डेयरी और पोल्ट्री फॉर्म बनाने के लिए आसान लोन और सब्सिडी दी जाएगी।
  • 500 जलाशयों का विकास: मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 नए जलाशयों (Amrit Sarovars) को विकसित किया जाएगा। इससे तटीय और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

4. उर्वरक सब्सिडी (Fertilizer Subsidy) और प्राकृतिक खेती

खेती की लागत कम करने के लिए सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मदबजट 2026 आवंटन (करोड़ में)उद्देश्य
कृषि क्षेत्र कुल बजट₹1,62,671बुनियादी ढांचा और किसान कल्याण
उर्वरक सब्सिडी₹1,70,944सस्ती खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना
प्राकृतिक खेती मिशन₹750केमिकल मुक्त खेती को बढ़ावा

प्राकृतिक खेती (Natural Farming): सरकार 1 करोड़ किसानों को अगले कुछ वर्षों में प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य बना रही है। इसके लिए बजट में ₹750 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

5. पीएम-किसान (PM-Kisan) और फसल बीमा की स्थिति

कई किसान उम्मीद कर रहे थे कि पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि (6,000 रुपये सालाना) को बढ़ाया जाएगा, लेकिन इस बार सरकार ने राशि में कोई बदलाव नहीं किया है।

  • सम्मान निधि: इसे ₹63,500 करोड़ के बजट के साथ यथावत रखा गया है।
  • फसल बीमा (PMFBY): फसल बीमा योजना के बजट में मामूली कटौती देखी गई है (₹12,200 करोड़), जो चर्चा का विषय है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को अधिक सुरक्षा की जरूरत है।

विशेषज्ञ की राय: क्या यह बजट पर्याप्त है?

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 का रुख “परिवर्तनकारी” (Transformative) है। सरकार चाहती है कि किसान अब केवल अनाज उगाने वाला न रहे, बल्कि वह टेक्नोलॉजी और नकदी फसलों के जरिए ‘एग्री-बिजनेसमैन’ बने। हालांकि, कृषि अनुसंधान (Agri-Research) के बजट में लगभग 4.8% की कटौती चिंताजनक है, क्योंकि नई किस्मों की खोज के बिना खेती में लंबी अवधि का विकास कठिन है।

किसानों के लिए कुछ सुझाव:

  1. AI टूल का उपयोग सीखें: जैसे ही ‘भारत-विस्तार’ ऐप लॉन्च हो, उसका उपयोग शुरू करें ताकि आपको वैज्ञानिकों की सलाह घर बैठे मिल सके।
  2. फसल विविधीकरण (Diversification): अगर आपके पास उपयुक्त ज़मीन है, तो पारंपरिक खेती के साथ-साथ काजू, नारियल या औषधीय पौधों की खेती की संभावना तलाशें।
  3. FPO से जुड़ें: सरकार किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को भारी मदद दे रही है। समूह में काम करने से आपको बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।

निष्कर्ष: बजट 2026 किसानों के लिए ‘हाई-टेक’ और ‘हाई-वैल्यू’ खेती का संदेश लेकर आया है। जहां एक तरफ सीधी नकद मदद (PM-Kisan) में बढ़ोतरी न होने से कुछ निराशा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक पर निवेश भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखता है।

Disclaimer: This article is based on the Union Budget 2026 announcements and expert analysis. For specific scheme benefits, please refer to official government portals.

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